सागर। जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने सागर जिले की बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर भाजपा सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। श्री मोहासा ने कहा कि सरकार अभी भी जहरीली शराब से हुई मौतों के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर रही है। प्रशासन द्वारा बताए जा रहे आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर दिखाई दे रहा है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि मौतों के वास्तविक आंकड़े छुपाने की कोशिश बेहद गंभीर मामला है। पहले मृतकों के शव परिजनों को सौंपने में देरी हुई, पोस्टमार्टम में देरी हुई और अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मृतकों के विसरा की फॉरेंसिक जांच पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से होगी या नहीं। कांग्रेस की मांग है कि सभी मृतकों के विसरा की जांच भोपाल की स्वतंत्र फॉरेंसिक लैब से कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का सवाल न उठे।
गांव-गांव अवैध शराब की भट्टियां, फिर प्रशासन को जानकारी क्यों नहीं?
श्री मोहासा ने कहा कि जिले के अनेक गांवों में अवैध शराब बनाने की भट्टियां संचालित होने और गांव-गांव जहरीली शराब बिकने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। कांग्रेस पार्टी द्वारा पूर्व में भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन देकर अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने की मांग की गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कांग्रेस के ज्ञापनों और स्थानीय लोगों की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की होती तो इतनी बड़ी जनहानि को रोका जा सकता था।
केवल छोटे आरोपियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं
श्री मोहासा ने कहा कि नकली और जहरीली शराब बनाने एवं बेचने वाले छोटे आरोपियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इस पूरे अवैध शराब नेटवर्क को संरक्षण देने वाले लोगों तथा लापरवाही बरतने वाले पुलिस और आबकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। यह पता लगाया जाना चाहिए कि इतने बड़े स्तर पर अवैध शराब का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा था और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
कथित क्लीनचिट की भी हो निष्पक्ष जांच
श्री मोहासा ने कहा कि जिस शराब को लेकर आबकारी विभाग द्वारा कथित रूप से क्लीनचिट दिए जाने की बात सामने आ रही है, उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। क्लीनचिट किस आधार पर दी गई, शराब के नमूनों की जांच किस स्तर पर हुई और इस प्रक्रिया के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार थे, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज हो
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि जहरीली शराब बनाने, सप्लाई करने और बेचने वाले सभी दोषियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। केवल कुछ लोगों को गिरफ्तार करके मामले को समाप्त करने के बजाय पूरे नेटवर्क और उसके संचालकों तक पहुंचा जाए।
राजनीतिक संरक्षण की भी जांच हो
श्री मोहासा ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर अवैध शराब का कारोबार बिना राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण के लंबे समय तक चलना संभव नहीं है। इसलिए पूरे मामले में स्थानीय राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
किसी भी व्यक्ति का राजनीतिक पद, प्रभाव या दबाव जांच के आड़े नहीं आना चाहिए। दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
मृतक परिवारों को कम से कम ₹50 लाख मुआवजा मिले
श्री मोहासा ने कहा कि प्रशासन द्वारा घोषित 6 लाख रुपए की सहायता राशि पर्याप्त नहीं है। जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है, उनकी पीड़ा को देखते हुए प्रत्येक मृतक परिवार को कम से कम 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए तथा परिवार के आश्रितों को उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में मजबूती से आवाज उठाई है और मृतकों के शव सड़क पर रखकर चक्काजाम किए जाने के बाद ही प्रशासन ने सहायता राशि की घोषणा की। सरकार को पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उचित मुआवजा देना चाहिए।
जिला अस्पताल और प्रशासन की भूमिका की भी जांच हो
श्री मोहासा ने कहा कि जिला अस्पताल और प्रशासन द्वारा वास्तविक मौतों की जानकारी सार्वजनिक करने में पारदर्शिता क्यों नहीं बरती जा रही है, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सभी मृतकों का नियमानुसार पोस्टमार्टम किया गया? यदि नहीं, तो किन परिस्थितियों में शवों को बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारी तय की जाए। श्री मोहासा ने कहा कि जहरीली शराब से हुई मौतें केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की गंभीर विफलता का मामला है। कांग्रेस पार्टी मृतक परिवारों को न्याय मिलने तक इस मुद्दे को पूरी मजबूती के साथ उठाती रहेगी।
जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी ने कहा कि इस संबंध में सभी ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश किया गया है की महामहिम राज्यपाल के नाम पर कल दिनांक 9 सितंबर को ज्ञापन दिया जाएगा।उक्ताशय की जानकारी जिला कांग्रेस ग्रामीण की मीडिया प्रभारी अभिषेक गौर ने दी।

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