सागर। बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय के आई बैंक में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के अवसर पर एक गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मरणोपरांत कॉर्निया दान कर किसी दृष्टिहीन की जिंदगी को रोशन करने वाली पुण्यात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।
समारोह में बीते एक वर्ष में मरणोपरांत कॉर्निया दान करने वाले 9 दानदाताओं के परिजनों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया और उनके इस अनुकरणीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया।
इन पुण्यात्माओं के परिजनों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में स्व. श्री सत्य कुमार चक्रवर्ती, स्व. श्री लालचंद गंगवानी, स्व. श्रीमती ताराबाई फाबवानी, स्व. श्री लाधाराम, स्व. श्रीमती लक्ष्मी बाई वाधवानी, स्व. श्री कामता प्रसाद दहिया, स्व. श्रीमती किरण सिंघई, स्व. श्रीमती भारती जैन एवं स्व. श्रीमती सुगंधी बाई जैन के परिजनों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बीएमसी के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर, मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश राज्य नेत्र विज्ञान सोसायटी (MPSOS) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक सिंघई एवं प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र चौबे ने दानदाताओं के परिजनों का शॉल व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया।
इस अवसर पर समाज सेवी पंकज सिंघई ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि उनके माता-पिता ने भी नेत्रदान व देहदान किया था। समाज के हर नागरिक को इस पावन कार्य के लिए आगे आना चाहिए।
राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत बीएमसी की नर्सिंग एवं पैरामेडिकल छात्राओं द्वारा बनाई गई जागरूकता पोस्टरों का मूल्यांकन कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने कहा कि नेत्रदान एक ऐसा महादान है जो किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसकी यादों को किसी दूसरे की आंखों के माध्यम से जीवित रखता है। बीएमसी आई बैंक में मरणोपरांत कॉर्निया दान और कॉर्निया प्रत्यारोपण सर्जरी की अत्याधुनिक सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध हैं। समाज को अंधत्व निवारण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए ताकि हम अधिक से अधिक दृष्टिहीन लोगों के जीवन से अंधेरा दूर कर सकें।
मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने कहा कि
राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का मूल उद्देश्य विभिन्न गतिविधियों के जरिए जन-सामान्य को नेत्रदान के महत्व से जोड़ना है। मरणोपरांत कॉर्निया दान करके हम किसी की अंधेरी जिंदगी का सूरज बन सकते हैं। बीएमसी प्रशासन का यह निरंतर प्रयास है कि आई बैंक के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों को दृष्टि प्रदान की जा सके और नेत्रदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सके।
कार्यक्रम में नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे, आई बैंक इंचार्ज डॉ. सारिका चौहान, रोशी जैन सहित नेत्र रोग विभाग की पूरी टीम उपस्थित रही। इसके अलावा बीएमसी के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या, मैट्रन, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, कर्मचारी एवं मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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