सागर। केन्द्रीय जेल सागर में रामसरोज समूह द्वारा बंधन से बंधन तक शीर्षक के तहत जेल अधीक्षक श्री रमेशचंद्र आर्य की उपस्थिति में आयोजित इस मानवीय परंपरा का यह तीसरा वर्ष है समूह के सदस्यों शैलेष केशरवानी, अखिलेश मौनी केशरवानी एवं डीएसपी के.सी. पाली, संभागीय मीडिया प्रभारी अंशुल सिंह परिहार एवं अन्य साथियों के साथ जेल परिसर पहुंचकर महिला बंदियों से राखी बंधवाई और उन्हें साड़ियां, मिठाईयां और जरूरी उपहार भेंट किये।
इस अवसर पर समाजसेवी शैलेष केशरवानी ने इस आयोजन के गहरे अर्थ को समझाते हुए कहा, "पहला बंधन जंजीरों का है, जो मजबूरी का प्रतीक है और दूसरा बंधन राखी का है, जो प्रेम, विश्वास और नई उम्मीद का प्रतीक है। हमारा उद्देश्य जेल को सजा नहीं, सुधार का केन्द्र बनाना है, उन्होंने बताया कि बहनों से यह वचन भी लिया गया कि वे गुनाह की राह छोड़कर सात्विक जीवन अपनायेंगी।
जेल अधीक्षक रमेशचंद्र आर्य ने रामसरोज समूह के प्रयास की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह पहल कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक अनूठा कदम है, जिससे महिला बंदियों के चेहरों पर मुस्कान लौटी और समाज को यह मजबूत संदेश मिला कि हर इंसान के भीतर सुधार की गुंजाइश हमेशा जिंदा रहती है।
इस अवसर पर उपअधीक्षक मनोज मिश्रा, सहायक जेल अधीक्षक गीता राठौड, सहायक जेल अधीक्षक सौरभ सिंह, हरिकिशन अहिरवार, दयाराम चंदानी, दौलत चंदानी, आशीष ठाकुर, एल्डर मेर विवेक सोदिया, अमित केशरवानी सहित समस्त जेल स्टाफ रहा।

एक टिप्पणी भेजें