सागर। स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता और नागरिकों को सेवा संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान का गुरुवार को सागर में भव्य शुभारंभ हुआ। जिला प्रशासन एवं नगर पालिक निगम सागर के तत्वावधान में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील के चकराघाट पर 1.25 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए। वहीं संजय ड्राइव सहित नगर के सभी 48 वार्डों सहित जिले में दीप प्रज्ज्वलन के साथ पूरे शहर में 10 लाख से अधिक दीप जलाए गए।
विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि लोगों के मन में कृतज्ञता और आशीर्वाद का भाव है, जिसे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में देखा जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री एवं मंत्री के रूप में 25 वर्षों तक देश और समाज की सेवा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपना संपूर्ण जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित किया है और देशवासी उनके प्रति कृतज्ञ हैं। बुजुर्ग उन्हें आशीर्वाद देना चाहते हैं, जबकि युवा एवं अन्य आयु वर्ग के नागरिक शुभकामनाएं दे रहे हैं। सभी की मंगलकामना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शतायु हों और लंबे समय तक देश का नेतृत्व करें।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ हुआ है। अभियान के तहत जिले में चार स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न संगठनों एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि शाम को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम भी विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र के मुख्य कार्यक्रम में नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संभाग आयुक्त एवं अधिकारी उपस्थित हैं। कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियों के साथ गंगा आरती का आयोजन किया जा रहा है।
सागर शहर में चकराघाट के साथ-साथ पीएम आवास योजना के मोहल्लों एवं कॉलोनियों, अमृत सरोवर एवं जल संरचनाओं, नव-निर्मित सेतु, बांध एवं अधोसंरचना परियोजनाओं, जन-औषधि केंद्रों, आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पताल एवं औषधालय, विद्यालय, महाविद्यालय एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों, मंदिरों, घाटों एवं आध्यात्मिक केंद्रों, पंचायत भवन एवं सामुदायिक केंद्रों, ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित नवीन अधोसंरचनाओं, पर्यटन एवं आध्यात्म से जुड़ी प्रमुख संरचनाओं, नगरीय एवं ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं तथा जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर भी सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इस दौरान इन प्रमुख स्थलों पर दीपों की रोशनी के माध्यम से सेवा संकल्प अभियान के संदेश को शहर के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया गया।
दीपों की जगमगाहट, भव्य गंगा आरती, आकर्षक रंगोलियों, विद्युत सज्जा, आतिशबाजी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरा सागर रोशनी से जगमगा उठा।
सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम में श्याम तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, लीगल राइट्स काउंसिल की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अनुश्री जैन ,आयुक्त, पंचायत राज संचालनालय मध्यप्रदेश छोटे सिंह, संभाग आयुक्त दिलीप कुमार, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, जिला पंचायत सीईओ जगदीश कुमार गोमे, निगमायुक्त राजकुमार खत्री, सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, नगर के प्रतिष्ठित संत-महात्मा, धर्मगुरु, धार्मिक संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
चकराघाट पर 1.25 लाख से अधिक दीपों की अनुपम छटा
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत चकराघाट स्थित लाखा बंजारा झील के घाटों पर विशेष क्रम में 1.25 लाख से अधिक दीप सजाकर प्रज्ज्वलित किए गए। आटे से बनाए गए दीप झील की लहरों पर प्रवाहित किए गए। झील के जल में प्रतिबिंबित होते दीपों की रोशनी ने मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया।
घाटों को आकर्षक रंगोलियों से सजाया गया। झील के मंदिरों, घाटों, एलिवेटेड कॉरिडोर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष विद्युत सज्जा की गई। शहर के प्रमुख चौराहों, तिराहों और शासकीय भवनों को भी आकर्षक रोशनी से सजाया गया।
सभी 48 वार्डों में भी हुआ दीप प्रज्ज्वलन
सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ को शहरव्यापी स्वरूप देते हुए संजय ड्राइव सहित नगर निगम के सभी 48 वार्डों में दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। वार्डों में नागरिकों ने उत्साह के साथ दीप जलाकर अभियान में सहभागिता की।
चकराघाट पर प्रज्ज्वलित 1.25 लाख से अधिक दीपों के साथ पूरे जिले में 10 लाख से अधिक दीप जलाए गए। घरों, वार्डों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होने से पूरे शहर में उत्सव का वातावरण दिखाई दिया।
भव्य गंगा आरती से भक्तिमय हुआ वातावरण
चकराघाट पर दीपों की जगमगाहट के बीच भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। नगर के प्रतिष्ठित संत-महात्माओं, धर्मगुरुओं एवं धार्मिक संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुई गंगा आरती से लाखा बंजारा झील का10 वातावरण भक्तिमय हो गया।
आरती, मंत्रोच्चार और हजारों दीपों की रोशनी ने श्रद्धा एवं उत्सव का सुंदर संगम प्रस्तुत किया बड़ी संख्या में नागरिक गंगा आरती के साक्षी बने। इसके बाद झील के मध्य हुई आतिशबाजी ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ाया। झील के किनारे जगमगाते दीपों और आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी का दृश्य नागरिकों के आकर्षण का केंद्र रहा।
लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। आकर्षक रंगोली के माध्यम से बंडा सिंचाई परियोजना को प्रदर्शित किया गया। स्थानीय लोक कलाकारों ने छतरियों पर बधाई, नौरता, बरेली और रास नृत्य सहित लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां दीं।
लोक संस्कृति की इन प्रस्तुतियों के साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत की मधुर धुनों ने सांस्कृतिक संध्या को विशेष बना दिया।
रंगोली में उकेरा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का वृहत चित्र
चकराघाट पर आकर्षक रंगोली के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वृहत चित्र उकेरा गया। रंग-बिरंगे रंगों से सजी इस विशेष रंगोली के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। रंगोली कार्यक्रम स्थल का प्रमुख आकर्षण रही। बड़ी संख्या में नागरिकों ने इसे देखा और कलाकारों की कला की सराहना की।
सैनिया घराना के कलाकारों ने सुरों से सजाई शाम
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक संध्या में जयपुर के सैनिया घराना के प्रख्यात कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उस्ताद इस्माइल खान (लीड सितार), उस्ताद रियाज खान (सितार), मेहराज हुसैन (तबला), फरीद जी (पद), भानु प्रताप (वायलिन) एवं रेहान खान (की-बोर्ड) ने अपनी टीम के साथ सुरों से सजी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
कलाकारों ने ‘मेरे ढोलना’ और ‘चाणक्य’ सहित विभिन्न प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। सितार, तबला, वायलिन और की-बोर्ड की जुगलबंदी ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया। दर्शकों ने प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और कलाकारों की सराहना की।
मंदिरों पर आकर्षक विद्युत सज्जा ने बढ़ाई भव्यता
सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ अवसर पर चकराघाट स्थित मंदिरों पर विशेष विद्युत सज्जा एवं आकर्षक साज-सज्जा की गई। दीपों की रोशनी, झील में प्रवाहित होते आटे के दीप, रंगोलियां, विद्युत सज्जा, भव्य गंगा आरती, लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, सैनिया घराना के कलाकारों की सुरमयी प्रस्तुतियां और आतिशबाजी ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।

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