सागर। पीतल फैक्ट्री सागर में परम पूज्य गुरुदेव दद्दा जी महाराज के अवतरण दिवस के उपलक्ष में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण , के प्रथम दिवस पूज्य बड़े भैया सरकार शास्त्री जी ने भागवत कथा के महात्म पर चर्चा करते हुए बताया की यह कथा भक्ति, ज्ञान, बैराज,और तप, इन प्रकारों का अद्भुत समन्वय है यह भागवत कथा, पूज्य श्री ने बताया की भागवत महापुराण में 18000 श्लोक 335 अध्याय और 12 स्कंध होते हैं, श्री व्यास जी ने इस कथा का श्री गणेश ब्रह्म सूत्र से किया है, (अथातो ब्रह्मा जिज्ञासा )उन्होंने कहा कि जिस तत्व को प्रत्यक्ष देखा ना जा सके ना ही कोई अनुमान लगाया जा सके उस तत्व को तो केवल वेदों के माध्यम से जाना जा सकता है, इसलिए वेदों का नाम निगम है, श्रीमद् भागवत महापुराण के महात्मा पर चर्चा करते हुए पूज्य श्री ने बताया की भागवत मात्र एक किताब या ग्रंथ नहीं है बल्कि परमात्मा, ठाकुर जी के संपूर्ण शरीर का शाश्वत स्वरूप है भागवत श्री हरि की शब्दमय मूर्ति है, कौशिक संहिता में लिखा है कि परमात्मा ने अपने शरीर के प्रत्येक अंग को भागवत कथा के प्रत्येक स्कंध में स्थापित किया है, पूज्य श्री ने परीक्षित के जन्म की चर्चा करते हुए बताया कि परीक्षित एकमात्र ऐसे कृपा पात्र थे जिन्होंने जन्म से पहले गर्भ में ही परमात्मा के दर्शन कर लिए थे।
कथा में भक्ति का नारद से मिलन, के साथ ही गौ करण कथा को विस्तार से समझाया। प्रथम दिवस बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर कथा श्रवण किया।
यह आयोजन राष्ट्र एवं विश्व कल्याण हेतु 19 से 25 सितंबर 2026 तक चलेगा।
पार्थिव शिवलिंग निर्माण सुबह 7 से 11 बजे महारुद्राभिषेक सुबह 11 बजे से श्रीमद् भागवत कथा दोपहर 2 बजे से पीतल फैक्ट्री परिसर, डी-मार्ट के पास, भोपाल रोड, सागर
कार्यक्रम में डॉ. सुखदेव मिश्रा, सुरेंद्र सुहाने, नारयण कबीर पंथी राजकुमार तिवारी, मधु गुप्ता, अखिलेश गौर, गुड्डे अग्रवाल, नारायण कबीरपंथी, विद्यासागर उपाध्याय, आनंद ददरिया, शांति स्वरूप दुबे, गुड्डू पाठक, मधु पालीवाल नितिन राठौर, चंदन सुहाने, अंशुमान अग्रवाल, अभिषेक गौर संदर्भ कठल सहित बड़ी संख्या में गुरु भाई-बहन उपस्थित रहे।
अपील - दद्दा जी भक्त मंडल के शिष्य मोहन कुशवाहा ने सभी धर्मप्रेमियों से धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।

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