सागर। पथरिया स्कूल के प्रांगण में भारतीय स्त्रीशक्ति सागर के द्वारा रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रक्षाबंधन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। एम.पी.एक्स.वाई.आई.जेड. बटालियन, सागर के देश सेवा में समर्पित कैडेट्स एवं स्टाफ के साथ रक्षाबंधन मनाया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा के संकल्प के साथ रक्षा सूत्र बाँधकर उनके सुखद, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामना दी। कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय स्त्री शक्ति की प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. प्रतिभा तिवारी ने कहा कि यह रक्षासूत्र युवा शक्ति के दीर्घायु की शुभकामना करता है और समाज में महिला तथा पुरूष की समानान्तर सहभागिता का परिचायक है। इससे महिलाओं को वसधैव कुटुम्बकम की प्रवृति को जागृत करती है। आज हम सब यहाँ केवल एक भाई-बहन के पारंपरिक पर्व को मनाने के लिए नहीं, बल्कि उस भारतीय संस्कृति, संकल्प और सुरक्षा के भाव को पुनर्जीवित करने एकत्रित हुए हैं जो हमारी महान विरासत का आधार है। इसके उपरान्त एम.पी.एक्स.वाई.आई.जेड. बटालियन, सागर की प्रशासनिक अधिकारी मेजर प्रतिभा तिवारी ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल रक्षाबंधन का है अपितु देश सेवा के लिए समर्पित युवा शक्ति के लिए प्रेरणादायी है साथ ही महिलाओं के सुरक्षित भविष्य को प्रदान करने एवं सौहाद्र का पर्व है। यह देश सेवा, राष्ट्र-रक्षा और सामाजिक समरसता के संकल्प का महापर्व है। जब राष्ट्र सेविका समिति और भारतीय स्त्री शक्ति जैसी राष्ट्रनिष्ठ संस्थाएँ मिलकर इस पर्व को मनाती हैं, तो रक्षासूत्र का अर्थ कलाई की सुरक्षा से बढ़कर संपूर्ण राष्ट्र की सुरक्षा और उत्थान से जुड़ जाता है। वक्तव्य की अगली श्रृंखला में राष्ट्र सेविका समीति की जिला सेवा प्रमुख डाॅ. प्रज्ञा उपाध्यय ने कहा कि रक्षाबंधन का धागा केवल स्नेह का प्रतीक नहीं है, यह एक प्रतिज्ञा है। जब एक बहन अपने भाई को रक्षासूत्र बांधती है, तो वह केवल उसकी लंबी उम्र की कामना नहीं करती, बल्कि उसे समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराती है। आज के संदर्भ में, देश के हर नागरिक की रक्षा करना, समाज की कुप्रथाओं को मिटाना और राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा करना ही सबसे बड़ी देश सेवा है। वक्तव्य की अगली श्रृंखला में सागर की नगर कार्यवाहिका, श्रीमती सुषमा राय ने कहा कि-इस रक्षाबंधन हम अपनी कलाई पर जो सूत्र बांधते हैं, वह सिर्फ यह याद दिलाने के लिए नहीं है कि कोई हमारी रक्षा करेगा। बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि हम खुद इतने सक्षम और बलवान बनेंगे कि जरूरत पड़ने पर अपने समाज और देश की रक्षा के लिए ढाल बन सकें। यह आत्मनिर्भरता ही असली राष्ट्रवाद है। वक्तव्य की अगली श्रृंखला में राष्ट्र सेविका समीति की जिला संपर्क प्रमुख-श्रीमती निधि दुबे ने कहा कि-हमारी यह भूमि वीरों और संस्कारवान लोगों की भूमि रही है। आज सागर में इन दोनों संगठनों का यह संयुक्त आयोजन इस बात का प्रमाण है कि हमारी महिलाएँ अबला नहीं, बल्कि सबला हैं और राष्ट्र की सुरक्षा में अपना कंधे से कंधा मिलाकर योगदान देने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। कार्यक्रम का आभार ज्ञापन राष्ट्र सेविका समीति की सह संपर्क प्रमुख श्रीमती प्रिति सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर एम.पी.एक्स.वाई.आई.जेड. बटालियन, सागर की एन.सी.सी. कैडेट्स ने कार्यक्रम में अपना अमूल्य समय एवं सहभागिता प्रदान करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के साथ संपन्न हुआ।

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