हरितालिका तीज पर विशेष- हरितालिका तीज व्रत निर्णय एवं शीघ्र विवाह के उपाय- कर्मकांड ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. अनिल दुबे वैदिक


भाद्रपदशुक्लतृतीयायां 'हरितालिकाव्रतम्। 
तत्र मुहूर्तमात्रा ततो न्यूनापि परा ग्राह्या। 
यदा क्षयवशात्परदिने नास्ति तदा द्वितीयायुतापि ग्राह्या।  
यदा शुद्धाधिका तदा पूर्वदिने षष्टिघटीमितामपि त्यक्त्वा परदिने स्वल्पापि चतुर्थी-युतैव ग्राह्या, गणयोगप्राशस्त्यात्। 
अत्र व्रते भवानीशिवयो. पूजनमुपवासश्च स्त्रीणां नित्यः तत्र-

मन्दारमालाकुलितालकायै कपालमालाङ्कितशेखराय।
दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नमः शिवाये च नमः शिवाय।।
इत्यादयः पूजामन्त्रा ज्ञेयाः ।

धर्मसिंधु पृष्ठ (146-47)

अर्थात - भाद्रपद शुक्ल तृतीया में हरितालिका व्रत होता है। यह तृतीया मुहूर्तमात्र या उससे कम भी हो तो पर। लेनी चाहिए। जब तिथिक्षय के कारण पर दिन में तृतीया नहीं हो तब द्वितीया सहित का भी ग्रहण करे। जब शुद्धा तृतीया बड़े तब पहले दिन साठ घड़ी वाली को भी छोड़कर दूसरे दिन थोड़ी भी चतुर्थी युक्त हो तो उसे ही ग्रहण करना चाहिए।
माना जाता है कि यदि विवाह में बार-बार रुकावट आ रही हो या पति-पत्नी के बीच मनमुटाव रहता हो, तो तीज के दिन शिव-पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा और कुछ पारंपरिक उपाय किए जा सकते हैं। आइए इन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

हरतालिका तीज का व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था, इसलिए यह पर्व वैवाहिक सुख और दांपत्य जीवन से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं भी मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। माना जाता है कि यदि विवाह में बार-बार रुकावट आ रही हो या पति-पत्नी के बीच मनमुटाव रहता हो, तो तीज के दिन शिव-पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा और कुछ पारंपरिक उपाय किए जा सकते हैं।

विवाह में बाधा दूर करने के उपाय

डा. अनिल दुबे वैदिक बताते हैं कि अगर विवाह तय होने में परेशानी आ रही है या बार-बार रिश्ते टूट रहे हैं, तो हरतालिका तीज के दिन मिट्टी से शिवलिंग बनाकर उस पर 21 बेलपत्र अर्पित करने की मान्यता है। इसके बाद शिवलिंग की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। पूजा पूरी होने के बाद शिवलिंग को बेल के पेड़ के नीचे रखने की परंपरा बताई गई है। इसके साथ देवी कात्यायनी के विवाह मंत्र का जाप भी किया जा सकता है।

मंत्र:-

कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।
नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥
 
यदि विवाह में किसी कारण से लगातार अड़चन बनी हुई है, तो किसी कन्या को वस्त्र और मिठाई भेंट करना भी शुभ माना जाता है।

वहीं जिन कन्याओं के विवाह में देरी हो रही हो, वे माता पार्वती को हल्दी की 11 गांठ अर्पित कर मनोकामना की प्रार्थना कर सकती हैं।

दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ाने के उपाय
पति-पत्नी के बीच लगातार मतभेद या प्रेम की कमी रहती है, तो दोनों को हरतालिका तीज की शाम शिव-पार्वती मंदिर में एक साथ घी के 11 दीपक जलाने की मान्यता है। इसी तरह दूध में हल्दी या केसर मिलाकर शिव-पार्वती का अभिषेक करने की परंपरा भी बताई गई है।

वैवाहिक सुख की कामना से तीज के दिन खीर बनाकर भगवान को भोग लगाया जा सकता है। अगले दिन पति-पत्नी साथ बैठकर इस प्रसाद को ग्रहण करें। इसके अलावा पत्नी द्वारा पान का बीड़ा बनाकर भगवान शिव को अर्पित करने और बाद में पति को देने की भी धार्मिक मान्यता है।

यदि पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ रही हो, तो सुहागिन महिलाएं माता पार्वती को चुनरी, नथ, बिछिया और पायल जैसी सुहाग सामग्री अर्पित कर सकती हैं। तीज के दिन पति के हाथों से सिंदूर लगवाना और सुहाग की वस्तुएं धारण करना भी शुभ माना जाता है।

दांपत्य जीवन में प्रेम और सुख-शांति बनाए रखने के लिए गणेश मंदिर में सूखे मालपुए चढ़ाने की भी मान्यता है। साथ ही हरतालिका तीज पर भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पूरे परिवार की पूजा करने से घर में सुख, शांति और सौहार्द बना रहने की कामना की जाती है।

कर्मकांड ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. अनिल दुबे वैदिक देवरी बिछुआ,मोबा. 9936443138

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