सागर। गणेश उत्सव के समापन पर शुक्रवार को लहदरा नाका स्थित विसर्जन स्थल पर श्रद्धा और भक्ति का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। सुबह से ही गणेश प्रतिमाओं को लेकर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने आराध्य को भावपूर्ण विदाई दी। नगर निगम द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और नदी की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं।
आयुक्त ने संभाली व्यवस्थाओं की कमान
नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री स्वयं पूरे समय विसर्जन स्थल पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते रहे। उन्होंने पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर प्रतिमाओं के व्यवस्थित विसर्जन की व्यवस्था सुनिश्चित की। मौके पर पहुंचकर उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बड़ी प्रतिमाओं के लिए क्रेन, नदी में सुरक्षा का मजबूत इंतजाम
बड़ी एवं भारी गणेश प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था की गई थी। इससे बड़ी प्रतिमाओं को सावधानीपूर्वक विसर्जित कराया गया। वहीं किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव के साथ गोताखोरों की टीम को भी मुस्तैद रखा गया था। पुलिस प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे।
विसर्जन स्थल पर बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित बनी रही। घाट से पहले ही पूजा-अर्चना के लिए स्थान निर्धारित किया गया था। बारिश की संभावना को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए टेंट की व्यवस्था भी की गई।
नदी में पूजन सामग्री डालने पर रोक, हर गतिविधि पर रही नजर
विसर्जन के दौरान नदी की स्वच्छता को लेकर नगर निगम ने विशेष सतर्कता बरती। नदी में फूल-माला, वस्त्र और अन्य पूजन सामग्री डालने पर रोक रखी गई। नगर निगम की टीम लगातार विसर्जन स्थल पर निगरानी करती रही और श्रद्धालुओं से पूजन सामग्री निर्धारित स्थान पर ही रखने की अपील की गई।
प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले फूल-मालाओं, वस्त्रों एवं अन्य सामग्री को अलग करने की व्यवस्था की गई थी। विसर्जन के बाद निकलने वाली पूजन सामग्री को भी अलग से एकत्रित किया गया। एकत्रित फूल-मालाओं एवं अन्य सामग्री का उपयोग स्वयंसेवी महिलाओं द्वारा अगरबत्ती एवं अन्य उपयोगी सामग्री बनाने में किया जाएगा। इस पहल से पूजन सामग्री के सदुपयोग के साथ नदी की स्वच्छता बनाए रखने का प्रयास किया गया।
महालवार देवी मंदिर परिसर में भी बनाया गया विसर्जन कुंड
श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए महालवार देवी मंदिर परिसर में भी गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए विशेष कुंड का निर्माण किया गया। इससे श्रद्धालुओं को वैकल्पिक एवं व्यवस्थित विसर्जन सुविधा उपलब्ध हुई।
पुलिस और नगर निगम के समन्वय से संभली यातायात व्यवस्था
विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और वाहनों के पहुंचने के कारण यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस प्रशासन के साथ नगर निगम की टीमों ने समन्वय बनाकर वाहनों एवं श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखा। नगर निगम का अतिक्रमण निरोधक दल भी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने में लगातार सक्रिय रहा।
सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम की टीम पूरे समय मौके पर तैनात रही। विसर्जन स्थल और आसपास के क्षेत्र में लगातार सफाई कराई गई तथा एकत्रित पूजन सामग्री को अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्थित रूप से रखा गया।
परिवार के साथ आयुक्त ने भी किया गणेश प्रतिमा का विसर्जन
विसर्जन व्यवस्था की निगरानी के साथ नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने अपने परिवार के साथ स्वयं भी गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रतिमा को विदाई दी और गणेश उत्सव के समापन में श्रद्धालुओं के साथ सहभागिता की।
लहदरा नाका स्थित विसर्जन स्थल पर नगर निगम और पुलिस प्रशासन के समन्वित प्रयासों से श्रद्धा, सुरक्षा और स्वच्छता का संतुलन बनाए रखते हुए गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण वातावरण में अपने आराध्य को विदाई दी और अगले वर्ष पुनः आने की कामना के साथ गणेश उत्सव का समापन किया।


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