सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में लोकतान्त्रिक शिक्षक संघ की अगुवाई में शिक्षकों के कल्याण एवं विश्वविद्यालय के सर्वांगीण विकास हेतु 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
लोकतान्त्रिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आयोजित इस धरने में उपस्थित शिक्षकों ने प्रशासन से अपनी मांगों के शीघ्र निराकरण की अपील की । विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने धरना स्थल पर डॉ. दीपाली जाट के द्वारा 11 सूत्रीय मांग पत्र का पाठ किया गया।
शिक्षकों को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष प्रो. राजेन्द्र यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास और शिक्षकों के हितों की लंबे अरसे से अनदेखी की जा रही है, जिससे विश्वविद्यालय का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कई वर्षों से लंबित प्रोन्नति एवं बकाया राशि के भुगतान के मामलों, नव-नियुक्त शिक्षकों को स्थाई करने तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा त्वरित लागू करने की मांग की।
शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रो. अशोक अहिरवार ने शोध सुविधाओं एवं अनुसंधान अनुदान में वृद्धि, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं एवं आधारभूत ढांचे के आधुनिकीकरण, शिक्षकों के लिए आवास सुविधा में सुधार तथा अकादमिक स्वतंत्रता एवं कार्यभार में संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस दिशा में त्वरित सकारात्मक कदम उठाने की अपील की।
डॉ. वेंकट मुनि रेड्डी ने पारदर्शी प्रशासन एवं निर्णयन प्रक्रिया में शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।
डॉ. संचिता मीना ने शिक्षण विभागों में स्वच्छता एवं साफ़-सफाई की कमी को दूर करने, महिला शिक्षकों के लिए साफ़ शोचालय की सुविधा के अभाव को तत्काल प्रभाव से दूर करने की मांग उठाई।
डॉ. महेंद्र शर्मा ने सभी नव-नियुक्त शिक्षकों को कुशल शिक्षण एवं शोध गतिविधियों को सुगम बनाने हेतु आवश्यक शैक्षणिक एवं कार्यालयीय आधारभूत सुविधाएं कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, केबिन, फर्नीचर तथा उचित बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग रखी।
डॉ. राकेश सोनी ने प्रशासन से हिल एवं वैली कैंपस में छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों के लिए एक स्मार्ट, स्वच्छ एवं विशिष्ट फूड सेंटर/कैफेटेरिया तथा विश्वविद्यालय परिसर के अंदर एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की स्थापना की मांग की, जहाँ दवाइयाँ, पुस्तकें, किराना सामान, स्टेशनरी, दैनिक आवश्यकता की वस्तुएँ एवं अन्य महत्वपूर्ण वस्तुएँ एवं सेवाएँ आसानी से उपलब्ध हों।
लोकतान्त्रिक शिक्षक संघ के सचिव डॉ. संजय शर्मा ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि ये मांगें केवल शिक्षकों के हित की नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय को उच्च शैक्षणिक मानकों पर ले जाने के लिए आवश्यक हैं।
धरने के उपरांत शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. नागेश दुबे को ज्ञापन सौंपा।
कुलपति ने सभी शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि ये सभी मांगें विश्वविद्यालय के गुणात्मक विकास से संबंधित हैं। उन्होंने 11 सूत्रीय मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया।
इस सामूहिक एवं शांतिपूर्ण धरने में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन तथा विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।


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