सागर। 08 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप के पर्यवेक्षण में आज थाना गोपालगंज परिसर में सागर शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों के संचालकों एवं प्रतिनिधियों के साथ छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक की मेजबानी थाना प्रभारी गोपालगंज घनश्याम शर्मा द्वारा की गई। बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेश द्विवेदी सहित शहर के लगभग 25 से 30 कोचिंग संस्थानों के संचालक एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचिंग संस्थानों में प्रवेश एवं निकासी व्यवस्था, आपातकालीन निकासी, अग्नि सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, विद्युत सुरक्षा, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रमुख रूप से निम्न निर्देश दिए गए
एंट्री-एग्जिट व्यवस्था: कोचिंग संस्थानों में प्रवेश एवं निकासी के लिए पर्याप्त एवं व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आपातकालीन स्थिति में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित एवं शीघ्र बाहर निकालने के लिए निकासी मार्ग स्पष्ट एवं सुगम रखा जाए।
आपातकालीन निकासी योजना: प्रत्येक कोचिंग संस्थान में Emergency Evacuation Plan तैयार रखा जाए, जिसमें आपदा अथवा आग जैसी आकस्मिक स्थिति में छात्र-छात्राओं को किस मार्ग से बाहर निकाला जाएगा, यह स्पष्ट हो। आपातकालीन निकासी के रास्ते हर समय खुले एवं बाधा-मुक्त रखे जाएं।
बेसमेंट में कोचिंग संचालन पर सख्ती: बेसमेंट में संचालित कोचिंग संस्थानों के संबंध में सुरक्षा मानकों एवं लागू नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था: प्रवेश एवं निकास द्वार, क्लासरूम, रिसेप्शन, पार्किंग एरिया एवं मुख्य गलियारों में उच्च गुणवत्ता वाले नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे चालू स्थिति में रखे जाएं तथा रिकॉर्डिंग का कम से कम 30 दिवस का बैकअप सुरक्षित रखा जाए।
सीढ़ियों एवं गलियारों में अवरोध नहीं: आपातकालीन निकासी के लिए उपयोग होने वाली सीढ़ियों, गलियारों एवं रास्तों में फर्नीचर, सामान, वाहन अथवा अन्य किसी वस्तु से अवरोध उत्पन्न न किया जाए।
क्षमता से अधिक छात्र नहीं: कोचिंग संस्थानों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं को एक कक्ष में न बैठाया जाए तथा कक्षाओं में पर्याप्त स्थान एवं सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था: प्रत्येक कोचिंग संस्थान में पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र क्रियाशील अवस्था में उपलब्ध रहें। संस्थान के स्टाफ एवं शिक्षकों को इनके प्राथमिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाए तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए स्पष्ट एवं बाधा-मुक्त Emergency Exit की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बिजली एवं अग्नि सुरक्षा: खुले अथवा असुरक्षित विद्युत तार, विद्युत उपकरणों की ओवरलोडिंग तथा ज्वलनशील सामग्री के असुरक्षित भंडारण पर विशेष निगरानी रखी जाए। विद्युत व्यवस्था सुरक्षित एवं मानकों के अनुरूप रखी जाए।
आपातकालीन संपर्क नंबर: डायल 112, एम्बुलेंस 108, महिला हेल्पलाइन 1090 सहित स्थानीय पुलिस थाना के संपर्क नंबर संस्थान के सूचना पट्ट पर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं।
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा: विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। कोचिंग संस्थानों के बाहर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा न लगे तथा आवश्यकतानुसार सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था: कक्षाओं के प्रारंभ एवं समाप्ति के समय सड़क पर अनावश्यक भीड़ एवं यातायात बाधित न हो, इसके लिए वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित की जाए।
कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन: कोचिंग संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों, सुरक्षा गार्ड एवं सफाई कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस चरित्र सत्यापन कराया जाए।
बैठक में अधिकारियों द्वारा स्पष्ट किया गया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कोचिंग संचालक अपने संस्थानों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की स्वयं समीक्षा कर आवश्यक कमियों को तत्काल दूर करें।
आगामी दिनों में पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी अथवा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उपस्थित कोचिंग संचालकों एवं प्रतिनिधियों द्वारा पुलिस एवं प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने तथा छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया।

एक टिप्पणी भेजें