सागर। विश्व मंगल सभा की महाकौशल प्रांत की प्रांतीय बैठक का आयोजन सागर में किया गया। बैठक में महाकौशल प्रांत के विभिन्न जिलों से आई कार्यकर्ता बहनों ने सहभागिता करते हुए संगठन के विस्तार, कार्यपद्धति, मातृशक्ति की भूमिका तथा परिवार एवं समाज में भारतीय संस्कारों के संरक्षण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व मंगल सभा की महाकौशल प्रांत की उपाध्यक्ष श्रीमती अनुश्री जैन ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख श्रीमती पूजा पाठक (दिल्ली) एवं प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती प्रवीण तिवारी के सानिध्य में दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
बैठक में संगठन के कार्यक्षेत्र, उद्देश्य एवं विचारधारा पर उपस्थित मातृशक्ति से संवाद करते हुए आगामी कार्ययोजनाओं और संगठन के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि परिवार से लेकर समाज और राष्ट्र तक सकारात्मक परिवर्तन लाने में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य वक्ता सुनील देव ने कहा कि समाज परिवर्तन की वास्तविक शुरुआत परिवार से होती है और परिवार में संस्कारों की नींव मजबूत करने में मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। संगठन के माध्यम से सेवा, संस्कार और राष्ट्रभाव को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास होना चाहिए।
राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख श्रीमती पूजा पाठक जी ने कहा कि “किसी भी संगठन की शक्ति उसके कार्यकर्ताओं के आत्मीय संपर्क और निरंतर संवाद में निहित होती है। हमें अधिक से अधिक मातृशक्ति को जोड़ते हुए संगठन के विचारों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाना है।”
प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती प्रवीण तिवारी ने कहा कि “मातृशक्ति परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज की दिशा निर्धारित करने वाली शक्ति भी है। भारतीय संस्कारों और जीवन मूल्यों को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने का दायित्व हम सभी का है।”
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती बबीता हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि “आज परिवार और समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे समय में मातृशक्ति को संस्कार, परिवार और भारतीय जीवन मूल्यों को मजबूत करने के लिए अपनी भूमिका और अधिक प्रभावी बनानी होगी।”
जनजाति विभाग प्रमुख श्रीमती मंजूषा लोई ने कहा कि “जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए वहां की मातृशक्ति को संगठन से जोड़ना आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर संवाद और संपर्क के माध्यम से कार्य को और विस्तार दिया जा सकता है।”
प्रांतीय संयोजक डॉ. मोनिका येलकर ने कहा कि “संगठन की प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में सेवा और सकारात्मक संवाद के माध्यम से समाज के साथ मजबूत संबंध स्थापित कर सकती है। योजनाबद्ध एवं सामूहिक प्रयासों से संगठन के कार्य को नई गति मिलेगी।”
मातृ सभा संयोजक डॉ. स्वाति गोडबोले ने कहा कि “मातृशक्ति का सामूहिक प्रयास परिवार और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन सकता है। आपसी संवाद, आत्मीय संपर्क और वैचारिक जागरूकता के माध्यम से महिलाओं को एक सशक्त मंच से जोड़ना समय की आवश्यकता है।”
बैठक में जबलपुर, रीवा, सतना, सिंगरौली, शहडोल, सागर, छतरपुर, मंडला, सिवनी एवं छिंदवाड़ा सहित महाकौशल प्रांत के विभिन्न जिलों से लगभग 80 कार्यकर्ता बहनों ने सहभागिता की। इस दौरान विभिन्न जिलों से आई कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्र के अनुभव साझा किए तथा संगठन के आगामी कार्यों को लेकर सुझाव प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती पूनम सोनी एवं श्रीमती साक्षी वैशम्पायन द्वारा किया गया।
बैठक के समापन अवसर पर संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने, महाकौशल प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक कार्य को मजबूत करने तथा अधिक से अधिक मातृशक्ति को जोड़कर संस्कार, सेवा, संपर्क एवं राष्ट्रभाव के माध्यम से समाज निर्माण के संकल्प को दोहराया गया।

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