सागर। जिले के बंडा में जहरीली शराब पीने से अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। करीब 35 लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है। कुछ लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें सागर के बीएमसी रेफर किया गया है। घटना के बाद प्रभावित गांवों में शराब पीने वालों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जानकारी के अनुसार बंडा सिविल अस्पताल में शनिवार देर रात से मरीजों का आना शुरू हुआ। मरीजों में बंडा क्षेत्र के ग्राम गूगरा खुर्द, नौराज एवं आसपास के क्षेत्र के लोग शामिल है। लोगों के परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां लोगों की मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। इलाज के दौरान जिन मरीजों की मौत हुई सभी शराब के नशे में थे। जब एक के बाद एक मौत होने लगी तो डॉक्टर सकते में आ गए। तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल एवं एसपी अनुराग सुजानिया बंडा सिविल अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से प्रारंभिक कारण जानने के बाद अलग-अलग क्षेत्र में जांच टीमों को भेजा जहां लगातार जांच जारी है।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि चिकित्सा दल सभी मामलों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। स्थिति के अनुसार जरूरी मेडिकल और प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और शराब के सेवन से हुई मौतों के कारणों को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्रथम दृष्टया एहतिहातन तौर पर बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर, बरायठा की दुकानें सील की गईं हैं। सैंपलिंग भी जारी है।
पीड़ितों से मुलाकात
अवैध जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी मौके पर मौजूद हैं।अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्था देखी।
अधिकारियों ने दिए निर्देश
अधिकारियों ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं तथा प्रथम दृष्टया एहतियातन तौर पर क्षेत्र की 6 दुकानों को सील किया गया है और तत्काल सैंपलिंग के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आक्रोशित ग्रामीणों एवं कांग्रेस नेताओं ने सागर-छतरपुर मुख्य हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। चक्का जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी कर इसे प्रशासन की लापरवाही बताया है। चक्का जाम के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
चक्का जाम में शामिल कांग्रेस नेताओं ने आबकारी विभाग पर आरोप लगाते कहा है कि जिले में अवैध एवं जहरीले शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है और आबकारी विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने मौत के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मौतों का आंकड़ा 14 से 15 तक पहुंच चुका है, लेकिन प्रशासन मामले को दबाने और असली आंकड़े छुपाने का प्रयास कर रहा है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ितों को न्याय और उचित मुआवजा नहीं मिला तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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